Sunday, November 27th, 2022

बदायूं के पूर्व सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भाजपा सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका वापस ली

बदायूं: धर्मेंद्र यादव ने वापस ली सांसद संघमित्रा के खिलाफ दायर याचिका, लगाया था ये आरोप

बदायूं में सपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने भाजपा सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका वापस ले ली है. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (अब सपा से एमएलसी) की बेटी डॉ. संघमित्रा मौर्य को बदायूं लोकसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बनाया था. वहीं सपा-बसपा के गठबंधन से चुनाव में उस समय के मौजूदा सांसद रहे धर्मेंद्र यादव प्रत्याशी बने थे. दोनों के बीच सीधी टक्कर हुई और चुनाव में धर्मेंद्र यादव लगभग 18 हजार वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे.

इसके बाद धर्मेंद्र यादव चुनावी परिणाम के खिलाफ हाईकोर्ट गए और आरोप लगाया कि मतगणना में 8 हजार वोटों की गड़बड़ी की गई है. यह भी आरोप था कि नामांकन के वक्त दिए गए घोषणा पत्र में भाजपा सांसद ने जिस संपत्ति का जिक्र किया था, वो उनके पति की थी. वहीं नामांकन पत्र में पति के स्थान पर पिता का नाम लिखा था, जबकि उनका तलाक नहीं हुआ है.

याचिका में बदायूं के जिलाधिकारी रहे दिनेश कुमार सिंह पर भी पक्षपात पूर्ण रवैया का आरोप लगा था. इस मामले में हाईकोर्ट ने सांसद संघमित्रा को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का आदेश भी दिया था.

धर्मेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने अप्रैल माह में ही बदायूं की सांसद संघमित्रा मौर्य के खिलाफ दायर की गई याचिका को वापस लेने के लिए शपथ पत्र पेश कर दिया था, जिस पर शुक्रवार को अदालत ने याचिका वापस करने का प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया. इस प्रकार संघमित्रा मौर्य और अन्य के खिलाफ जो याचिका दायर की गई थी, अब उसका कोई औचित्य नहीं रह गया है. बकौल धर्मेंद्र यादव, ‘संघमित्रा के पिता स्वामी प्रसाद मौर्य हमारी पार्टी के नेता हैं. परिस्थितियां विरोधावासी न हों, इसीलिए केस वापस ले लिया है.’

वहीं, सांसद संघमित्रा मौर्य का कहना है,

“हमें मीडिया के माध्यम से ही पता चला है कि आज याचिका वापस ली गई है. यदि उन्होंने ऐसा किया है तो उस वक्त जो भी उनकी व्यक्तिगत इच्छा रही हो उसको लेकर उनके मन में विचार आया होगा. यदि उन्होंने याचिका वापस ली है, तो यह उनकी व्यक्तिगत सोच है. हमारा कहना बस यह है कि 2019 की हार को उन्होंने दिल से स्वीकार लिया है. उन्होंने मान लिया है कि बदायूं की जनता ने जिसको सांसद बनाया है, असल में वही बदायूं का असली सांसद है.”संघमित्रा मौर्य

सांसद संघमित्रा मौर्य से सवाल किया गया कि ‘आपके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य अब समाजवादी पार्टी में हैं कि इसलिए याचिका वापस ली गई है?’ इस पर उन्होंने कहा, “अगर यह बात है तो हम धर्मेंद्र यादव का स्वागत भारतीय जनता पार्टी में करते हैं. हमें किसी भी चीज का कोई असर नहीं पड़ता है. आप पिछले 3 सालों से देख रहे हैं. हम किसी के बहकावे में या किसी के दबाव में आने वाले नहीं हैं. ऐसे लोग हमेशा असफल हुए हैं और आगे भी होंगे. मैं जनता द्वारा चुनी गई हूं और आज भी जनता का आशीर्वाद मेरे साथ है.

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