Sunday, November 27th, 2022

Solar Energy के जरिये Electric Highway का सपना होगा पूरा, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दी यह अहम जानकारी

Solar Energy: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि सरकार सौर ऊर्जा के जरिये इलेक्ट्रिक राजमार्गों के विकास पर काम कर रही है। यह कदम अधिक माल ढुलाई क्षमता वाले ट्रकों और बसों की चार्जिंग को सुगम बनाएगा। उद्योग मंडल इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने यह बात दोहरायी कि सरकार देश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बिजली चालित बनाना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये सौर और पवन ऊर्जा ऊर्जा आधारित चार्जिंग व्यवस्था के विकास को प्रोत्साहित कर रही है।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘हम इलेक्ट्रिक राजमार्ग के विकास पर भी काम कर रहे हैं। यह सौर ऊर्जा के जरिये संचालित होंगे। इससे भारी माल ढुलाई क्षमता वाले वाले ट्रकों और बसों को यात्रा के दौरान चार्ज करने में सुविधा होगी।’’ एक इलेक्ट्रिक राजमार्ग से आशय ऐसी सड़क से है जो उसपर यात्रा करने वाले वाहनों को बिजली की आपूर्ति करती है। इसमें ‘ओवरहेड’ बिजली की लाइन के जरिये ऊर्जा की आपूर्ति शामिल है। गडकरी ने कहा कि सड़क मंत्रालय टोल प्लाजा को सौर ऊर्जा से चलाने के लिये भी प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक अच्छी तरह से विकसित बुनियादी ढांचा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाता है, नई कंपनियां सृजित करता है और रोजगार के अवसर बढ़ाता है। ‘‘हम 26 नये एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहे हैं।’’

परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी मिलेगी

गडकरी ने कहा कि पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान की शुरुआत के साथ परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी मिलेगी और इससे ‘लॉजिस्टिक’ लागत में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों स्वाभाविक भागीदार हैं। उन्होंने अमेरिका के निजी निवेशकों को भारत के ‘लॉजिस्टिक, रोपवे और केबल कार’ क्षेत्रों में निवेश के लिये आमंत्रित किया। मंत्री ने यह भी कहा कि करीब तीन करोड़ पेड़ राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास लगाये जाएंगे और सरकार राजमार्गों के निर्माण और विस्तार के दौरान पेड़ लगाने के चलन को अपना रही है। अबतक हमने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में 27,000 पेड़ एक जगह से दूसरी जगह सफलतापूर्वक लगाये हैं। गडकरी ने कहा कि सरकार पेड़ काटने और लगाने के लिये ‘पेड़ बैंक’ नाम से नई नीति बना रही है।

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