Sunday, November 27th, 2022

लेवाना अग्निकांड की जांच रिपोर्ट तैयार:NOC के लिए एग्जिट पॉइंट पर लोहे की सीढ़ियां लगवाईं; आग लगने पर फायर सेफ्टी उपकरण नहीं चले

सोमवार सुबह करीब 7.30 बजे लेवाना सुइट्स की तीसरी मंजिल पर आग भड़की थी। 6 घंटे में 24 अग्निशमन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। इस हादसे में लखनऊ के गणेशगंज और इंदिरानगर में रहने वाले 4 लोगों की मौत हो गई थी। इनकी लाशें तीसरी मंजिल की गैलरी और कमरों में मिली थी।

सीएम योगी ने जांच के लिए लखनऊ कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर को नियुक्त किया था। अब ये जांच रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। आज यानी बुधवार को ये जांच रिपोर्ट शासन में सौंपी जानी है। प्रमुख सचिव गृह ने कमेटी बनाई है। जो इस रिपोर्ट पर फैसला लेगी।

समझते हैं कि जांच रिपोर्ट में वो कौन से पॉइंट्स हैं, जो होटल के ध्वस्तीकरण के कारण बन सकते हैं:-

फॉरेंसिक टीम के साथ होटल में जांच करते पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर।

फॉरेंसिक टीम के साथ होटल में जांच करते पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर

लखनऊ कमिश्नर की जांच रिपोर्ट में मिली खामियां:-

  1. NOC के लिए ही होटल प्रबंधन ने निकासी के लिए लोहे की सीढ़ियां लगवा दी।
  2. धुआं निकलने की व्यवस्था नहीं थी। न ही वहां के कर्मचारियों को आग बुझाने की ट्रेनिंग दी गई।
  3. होटल जिस जमीन पर चल रहा था। उसका नक्शा तक पास नहीं था।
  4. LDA की रिपोर्ट के मुताबिक वह आवासीय भूमि थी, जहां पर होटल बना लिया गया।
  5. होटल का सराय एक्ट में भी रजिस्ट्रेशन नहीं था। होटल प्रबंधन ने आवेदन तक नहीं किया था।
  6. होटल के तौर पर LDA, फायर सर्विस और जिला प्रशासन उसको NOC दे रहा था।
होटल में जांच पड़ताल करती फायर विभाग की टीम। आकाश कुलहरि ने खुद टीम को लीड किया।

होटल में जांच पड़ताल करती फायर विभाग की टीम। आकाश कुलहरि ने खुद टीम को लीड किया।

फायर सेफ्टी की जांच रिपोर्ट में मिली खामियां:-

  1. कमरों से एग्निट आसान नहीं था। आपातकाल में लोगों को निकलने में दिक्कत हुई थी।
  2. होटल में लगे कांच भी इतने मजबूत थे कि उनको किसी भारी वस्तु से भी नहीं तोड़ा जा सका था।
  3. धुआं भरने की वजह से लोगों का दम घुटा और मौतें हुईं।
  4. फायर विभाग के DIG आकाश कुलहरि की जांच में वाटर टैंक मानक के विपरीत मिला।
  5. फायर सेफ्टी के उपकरण रनिंग पोजिशन में नहीं मिले।
  6. फायर एग्जिट और संकरी सीढ़ियां थी। हादसे के वक्त लोगों को निकलने में दिक्कत हुई।
होटल की तीसरी मंजिल पर जांच पड़ताल करती मंडलायुक्त रोशन जैकब।

होटल की तीसरी मंजिल पर जांच पड़ताल करती मंडलायुक्त रोशन जैकब:-
लेवाना होटल के हादसे के बाद मंगलवार को कमिश्नर रोशन जैकब और पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने होटल के अंदर करीब 1 घंटे तक जांच-पड़ताल की। इसमें कई खामियां मिलीं। जांच में सामने आया है कि सर्वर पैनल में हुई शार्ट सर्किट से आग लगी।

DIG अग्निशमन आकाश कुलहरी के मुताबिक उन्होंने ग्राउंड फ्लोर से लेकर थर्ड फ्लोर तक जांच की। होटल में फायर के सब इंतजाम किए गए थे। मगर हादसे के वक्त उन्होंने सही से काम नहीं किया। अभी तक की जांच में सर्वर पैनल में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है।

यहां से आग धीरे-धीरे पूरे होटल में फैली। आग ज्यादा बड़ी नहीं थी, लेकिन धुआं पूरे होटल में भर गया। उसकी निकासी का इंतजाम न होने से चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई।

केवल एनओसी के लिए नहीं लगाई गई होती से सीढ़ी तो बच जाती लोगों की जान।

केवल एनओसी के लिए नहीं लगाई गई होती से सीढ़ी तो बच जाती लोगों की जान।

जांच के चलते LDA होटल पर नहीं लगा सका ताला
LDA की टीम ने भी मंगलवार को होटल में पहुंचकर जांच की। मगर अपना ताला नहीं लगा सके। क्योंकि, दूसरे विभागों की पड़ताल अभी परिसर में जारी है। ये जांच पूरी होने के बाद LDA परिसर को सील करेगा। फिर शासन से निर्देश मिलने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।

NOC के लिए बनाया फायर एस्केप:-
होटल में फायर और LDA की एनओसी के लिए होटल प्रबंधन ने 3 महीने पहले ही फायर स्केप बनवाया था। वह भी मानकों पर खरा नहीं था। फायर स्केप से अंदर-बाहर जाने के रास्ते बंद थे। जिसके चलते घटना वाले दिन भी दमकल कर्मियों को अंदर जाने के लिए दीवार और खिड़की तोड़ने में काफी वक्त लग गया।

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