Sunday, November 27th, 2022

मुंबई को 2023 तक मिलेगा ट्रैफिक से छुटकारा, कोस्टल रोड प्रोजेक्ट को SC से ग्रीन सिग्नल

सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट में पर्यावरण संबंधी चिंताओं पर अपने फैसले से बीएमसी को राहत दी है और मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के निर्माण के काम को हरी झंडी दे दी है.मुंबई के पश्चिमी इलाकों का ट्रैफिक जाम 2023 के बाद देखने को नहीं मिलेगा. मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने आज (शनिवार, 1 अक्टूबर) यह दावा किया है कि नवंबर 2023 तक मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट कंप्लीट हो जाएगा. मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के पूरे होते ही समुद्र कि किनारे-किनार पूरी पश्चिमी मुंबई जुड़ जाएगी. मुंबई के नरीमन प्वाइंट से होकर यह सड़क बोरिवली तक जाएगी फिर इसे आगे चरणबद्ध तरीके से विरार को जोड़ा जाएगा. भविष्य में यह सड़क अलीबाग से भी जुड़ेगी. सुप्रीम कोर्ट से ग्रीन सिग्नल मिलते ही इस काम में आने वाली रुकावटें दूर हो गई हैं.

अब कोस्टल रोड के निर्माण के साथ-साथ इस प्रोजेक्ट के तहत अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा सकेगा. पहले पर्यावरण को वजह बनाते हुए कुछ एनजीओ द्वारा याचिका दायर कर इसका विरोध किया जा रहा था. इस वजह से प्रोजेक्ट के लटकने की आशंका बढ़ गई थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए इससे जुड़ी रुकावटें बहुत हद तक दूर कर दी हैं. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की वजह से अब बीएमसी को यह काम आगे बढ़ाने में जो रुकावटें पेश आ रही थीं, उनसे छुटकारा मिला है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ये सुविधाएं होंगी तैयार

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब मुंबई के हाजी अली के पास अंडरग्राउंड पार्किंग , साइकल और जॉगिंग ट्रैक, खाली जगहों पर गार्डन, समुद्री तटों पर प्रोमोनेड और बटरफ्लाई पार्क का निर्माण किया जा सकेगा. सिर्फ अम्यूजमेंट पार्क के निर्माण की इजाज नहीं मिली.

मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट से ये होंगे फायदे

मुंबई के कोस्टल रोड प्रोजेक्ट को उद्धव ठाकरे का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है. 14 हजार करोड़ के बजट से यह नवंबर 2023 तक कंप्लीट होने वाला है. इसके तैयार होने से ना सिर्फ ट्रैफिक की समस्या दूर होगी बल्कि लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचने का एक वैकल्पिक मार्ग और साधन मिलेगा. साथ ही इसके आस-पास जो विकास होगा उससे रोजगार भी बढ़ेगा. कोरोनाकाल में इस प्रोजेक्ट पर काम थोड़ा स्लो हो गया था. वो अब तेजी से शुरू हो जाएगा.ये सड़कें चार-चार लेन की बनेंगी. इससे ना सिर्फ आने-जाने में समय की बचत होगी बल्कि ध्वनी और वायु प्रदूषण भी बहुत हद तक कंट्रोल किया जा सकेगा. समुद्र के किनारे-किनारे सीधी सड़कें होने की वजह से समय की 40 फीसदी और ईंधन की 34 फीसदी बचत होगी. समुद्र के किनारे-किनारे मजबूत दीवारों के निर्माण की वजह से समुद्री तूफानों के वक्त भी बाढ़ से रक्षा करने में मदद मिलेगी.

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