राधारानी मंदिर बरसाना

   

नमस्कार दोस्तों आज मै राहुल बृज से आपके लिये ला रहा हूँ राधारानी बरसाने वाली माता के मंदिर की कहानी |ये मंदिर मथुरा से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित बरसाने में आता है और गोवेर्धन से भी लगभग 20 किलोमीटर दूर है |ये बृज क्षेत्र का बड़ा ही प्राचीनतम मंदिर है और इस मन्दिर का इतिहास द्वापर युग से जुड़ा हुआ है |ये मंदिर एक ऊँची पहाड़ी पर बना हुआ है | ये मंदिर पूरी तरह लाल और पीले रंग के पत्थरों का बना है |इस मंदिर को देखने हर साल दूर दूर से लाखो की तादाद में भक्त देश और विदेशों से यहाँ आते है |इस मंदिर का निर्माण 1675 में महाराजा वीर सिंह के द्वारा करवाया गया था,बाद मे समय समय पर इस मंदिर में निर्माण होता रहा है |

इस मंदिर को बरसाना की लाड़ली वाली का मंदिर भी कहा जाता है |कहा जाता है की माता राधाजी का प्रभु श्री कृष्णा से अटूट प्रेम था इसीलिए मंदिर में राधा-कृष्णा की मूर्ती भी आपको दिखेंगी |यहाँ के प्रमुख त्योहार राधाअष्टमी और बरसाने की विश्वप्रसिध लठामार होली है |राधाअष्टमी के दिन राधारानीजी का खूब श्रृंगार और साज-सजावट की जाती है जिसमे की मंदिर की फूलो से सजावट और लड्डूओं का भोग लगाया जाता है और 56 तरह के व्यंजन भी बनाये जाते है जिनका भोग भी माता को लगाया जाता है और ये प्रसाद सबसे पहले मोरो को खिलाया जाता है फिर बाद में भक्तो को प्रसाद खिलाया जाता है और यहाँ बहुत बड़ा मेला लगता है जिसमे दूर दूर से लोग आते है |

बरसाना में लठामार होली भी बड़ी ही धूमधाम से मनाई जाती है जिसमे की औरते मर्दों को एक पौराणिक परंपरा के मुताबिक लट्ठो से मारती है और मर्द ढाल से अपने आप को बचाते है और वहा पर एकत्रित सभी लोग इस लीला का आनंद प्राप्त करते है चारो तरफ से गुलाल ही गुलाल उड़ता है |इस माहौल को देखकर देसी पर्यटक ही नहीं विदेशी लोग भी बृज के इस होली के रंग में रंग जाते है |

आप यहाँ बरसाने सड़क के रास्ते दिल्ली-आगरा हाईवे nh-2 से और राजस्थान के अलवर से सीधे अपनी गाड़ी या बस से पहुँच सकते हो |ट्रेन से मथुरा रेलवे स्टेशन उतरकर ऑटो या किराये की टैक्सी और हवाई जहाज से आगरा या दिल्ली एअरपोर्ट से सीधे बरसाने आ सकते हो

 

आज थोड़ा समय कम होने के कारण आप लोगो के लिए पूरा लेख नहीं लिख पाया इसीलिए क्षमा मांगता हूँ आगे अभी और भी बहुत कुछ आप लोगो को इस मंदिर के बारे में बताऊंगा |बस यही निवेदन है की जब भी मथुरा पधारे राधरानी के मंदिर अवश्य आये और आपका प्यार हमारे संग ऐसे ही बना रहे हमारे पोर्टल mybrij.in से नमस्कार | MATHURA VRINDAVAN TEMPLE,VRINDAVAN DHAM,MATHURA DARSHAN करते रहे mybrij.in पर |

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